Tuesday, January 18, 2011

सवाल मुझ से मत करो


मेरे जाने के बाद क्या मिलेगा उस जगह पर,
सवाल ये मुझ से नहीं उस जगह से करना./
अगर कुछ ना मिले वहां पर तो
फिर ये हाल ज़माने से मत कहना /

क्यूँ कि मुझे तो भय नहीं है ज़माने का,
नहीं मुझे शौक है किसी बहाने का /

फंसा देंगे तुमको ,ये लोग निर्दयी हैं..
ये बात दूसरी है , ये गलत या सही हैं /
हो तुम भी वहीं और हम भी वहीं हैं .....

फिर ...फिर ...

ये बात मेरे जाने की कैसे उठी है ..
अब उठ तो गयी ...
चाहे जैसे उठी है...
... सवाल ये मुझ से नहीं उस जगह से करना.

क्यूँ कि हम भी वहीं हैं और तुम भी वहीं हो ...
पर हम दोनों ...
वहां नहीं हैं ..
जहां पहले थे ....

पहले हम कहाँ थे ...सवाल ये मुझ से नहीं उस जगह से करना....

4 comments:

  1. "Saval mujhse nahin, us jagah se karna.."

    I really like your style sukhi, very sublime.

    ReplyDelete
  2. hum dono wahaan nahi hain jahaan pehle the.. agar main wahin se sawaal karun to??

    ReplyDelete
  3. sawaal tum kaheen se bhi kar sakte ho ...swatantra ho...
    "par sawaal ye mujh se nahi us jagah se karna" bhai

    ReplyDelete